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अक्षय कुमार की पैडमैन से प्रेरित होकर बरेली के बीसीए छात्र चित्रांश सक्सेना ने खोला ‘पैड बैंक’

आपने रुपए के लेन देन करने के लिये सिर्फ बैंक का नाम सुना होगा, लेकिन अब ऐसे अनोखा पैड बैंक के बारे में जाेन लीजिये जो खास तौर पर महिलाओं, किशोरियों को पीरियड के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाने का काम कर रहा है. यह पैडबैंक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क सैनेटरी पैड मुहैय्या करा रहा है.

सैनेटरी पैड के प्रति करते है जागरूक

अक्षय कुमार कि फिल्म पैडमैन को देखकर बरेली के वीर सावरकर नगर कॉलोनी के रहने वाले बीसीए छात्र चित्रांश सक्सेना इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पैडबैंक बनाने की ठानी और चार जून को पैडबैंक खोलकर इसकी शुरुआत कर दी, डेलापीर के पास वीर सावरकर नगर चौराहे पर इस बैंक को खोला गया है. इस पैड बैंक में दस छात्र छात्राएं है जो इस अनोखे बैंक का काम संभालते हैं.

ये सभी छात्र छात्राएं अलग अलग कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी पॉकेट मनी से पैड बैंक बनाया है. ये लोग गांव और शहर के आसपास के इलाके में जाकर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक कर सैनेटरी पैड इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं और अगर उनके पास पैड खरीदने के पैसे नहींं हैं तो उन्हें निःशुल्क पैड दिए जाते हैं.

महिला सदस्य करती हैं काम

महिलाओं और किशोरियों को सैनेटरी पैड के प्रति प्रेरित करने का काम पैडबैंक की लड़कियां बख़ूबी अंज़ाम दे रही हैं और उन्हें जागरूक भी कर रही हैं. बैंक की सदस्य प्रियांशी जायसवाल ने बताया कि इस बैंक में सात महिला सदस्य और तीन पुरूष सदस्य हैं जहां लड़के होने की वजह से काम में दिक्कत होती है तो वहीं लड़कियों की ये टीम कमान संभालती है और उसे पूरा करती है.

33 एकाउंट खोले गए

पैड बैंक के लिए काम करने वाली एना खान ने बताया कि इस पैडबैंक में 33 किशोरियों के एकाउंट खोले जा चुके हैं जिन्हें एक पास बुक भी उपलब्ध कराई गई है जो हर महीने इस पैडबैंक में आकर पैड ले सकती है और जो आने में असमर्थ हैं उनके लिए पैड उनके घरों तक पहुंचा दिया जाता है इस अनूठे बैंक से लाभ लेने वाली महिलाएं बैंक की तारीफ कर रही हैं और बीमारियों से भी सचेत हो रही हैं.

 

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