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बरेली: ‘आला हजरत का पोता हूं, इसीलिए यूएई से रुसवा होकर लौटा हूं’

प्रतिबंधित दवाइयां रखने के इल्जाम में शारजाह पुलिस की हिरासत में बिताए आठ दिनों का दर्द मौलाना तौसीफ रजा खां (तौसीफ मियां) ने आला हजरत के कुल शरीफ के मंच से बयां किया. जायरीन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा- दवा तो बहाना था, मुझे आला हजरत का पोता होने की वजह से इतना परेशान किया गया.

पूछताछ में भी पुलिस यही सवाल बार-बार दोहराती थी कि वह बरेलवी हैं और आला हजरत खानदान से हैं. उन्होंने मंच से भारत सरकार और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का शुक्रिया अदा किया. पिछले दिनों तौसीफ मियां को शारजाह पुलिस ने प्रतिबंधित दवाइयां रखने के इल्जाम में हिहरासत में ले लिया था. आठ दिन बाद वह रिहा हो सके थे.

सोमवार को आला हजरत के कुल शरीफ के मौके पर उन्हें मंच से बोलने का मौका मिला तो उन्होंने अपना दर्द बयां किया. कहा, शारजाह में पहले भी आला हजरत खानदान और अन्य बुजुर्गाने दीन को बेवजह परेशान किया जाता रहा है. इस बार वह उनका निशाना बने. उन्होंने कहा, तीन से चार घंटे लगातार उनसे पूछताछ में बरेलवी, आला हजरत और पैगंबरे रसूल से जुड़े सवाल पूछे जाते थे.

उन्होंने बताया कि पुलिस को वह जवाब देते थे कि बरेलवी कोई मजहब नहीं, वह सुन्नी हैं. आला हजरत के खानदान से हैं. बताया कि अगर भारत सरकार वहां की हुकूमत पर दबाव न बनाती और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार इतना प्रयास न करते तो इतनी जल्दी उनकी रिहाई होना मुश्किल थी.

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